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चुनाव लड़ने की योग्यता पर RTI का बड़ा खुलासा: क्या संविदा कर्मचारी भी बन सकते हैं उम्मीदवार?

Sir Ji Ki Pathshala 0

आरटीआई खुलासा: क्या संविदा कर्मचारी लड़ सकते हैं चुनाव? निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किए नियम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत एक महत्वपूर्ण जवाब जारी किया है। शुभम मौर्य द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में विभाग ने चुनाव लड़ने की योग्यता, सरकारी अवकाश के बदले मिलने वाले प्रतिकर अवकाश और चुनाव लड़ने की पात्रता संबंधी नियमों की स्थिति स्पष्ट की है।

​चुनाव लड़ने की योग्यता और संविदा कर्मचारी

​अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग या सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारी चुनाव लड़ सकते हैं? इस पर निर्वाचन कार्यालय ने संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया है:

  • संवैधानिक प्रावधान: कार्यालय ने बताया कि चुनाव लड़ने की योग्यताएं भारतीय संविधान के अनुच्छेद-84 और अनुच्छेद-173 में निहित हैं।
  • लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम: इसके अतिरिक्त, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-4 और 5 में लोकसभा और राज्य विधानमंडल की सदस्यता के लिए अनिवार्य अर्हताओं का विवरण दिया गया है।
  • लाभ का पद (Office of Profit): सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 'उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल (अनर्हता निवारण) अधिनियम, 1971' के तहत कुछ पदों को 'लाभ का पद' घोषित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति ऐसे पद पर है जो उसे चुनाव लड़ने से रोकता है, तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा। संविदा कर्मचारियों के मामले में यह निर्भर करता है कि उनका पद 'लाभ के पद' की श्रेणी में आता है या नहीं।

​बीएलओ (BLO) और रविवार की ड्यूटी का मुआवजा

​एक अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न बीएलओ (Booth Level Officers) और एसआईआर (SIR) कार्य में लगे कर्मचारियों के अवकाश को लेकर था। कई कर्मचारियों को रविवार या सरकारी छुट्टी के दिन भी चुनावी कार्यों में लगाया जाता है।

  • प्रतिकर अवकाश (Compensatory Leave): विभाग ने स्पष्ट किया है कि रविवार या अवकाश के दिन ड्यूटी करने के बदले प्रतिकर अवकाश देने के संबंध में विशिष्ट सूचना उपलब्ध नहीं है, लेकिन 'मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल, 2023' के अध्याय-5 (प्रस्तर-5.2.5 d) में बीएलओ के कार्यों से संबंधित निर्देश दिए गए हैं।

यदि आप संतुष्ट नहीं हैं तो क्या करें?

​यदि आरटीआई आवेदक दी गई सूचना से संतुष्ट नहीं है, तो वह प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इस मामले में श्री अमित सिंह, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (चतुर्थ तल विकास भवन, जनपथ मार्केट, हजरतगंज, लखनऊ) को अपील भेजी जा सकती है।

निष्कर्ष: यह आरटीआई जवाब उन युवाओं और कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो राजनीति में कदम रखना चाहते हैं या संविदा पर कार्यरत रहते हुए अपने अधिकारों को समझना चाहते हैं। यह स्पष्ट करता है कि नियम केवल पद पर नहीं, बल्कि उस पद की प्रकृति (लाभ का पद है या नहीं) पर निर्भर करते हैं।

UP Election RTI Reply Shubham Maurya

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