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यूपी-टीईटी 2026: चार साल का इंतजार खत्म, कोचिंग संस्थानों में उमड़ा अभ्यर्थियों का सैलाब, अरबों के कारोबार का अनुमान

Sir Ji Ki Pathshala 0

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) की घोषणा ने प्रदेश के शिक्षा जगत और कोचिंग मार्केट में हलचल पैदा कर दी है। चार साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित होने जा रही इस परीक्षा ने न केवल अभ्यर्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है, बल्कि कोचिंग संचालकों के लिए भी 'कुबेर का खजाना' खोल दिया है। इस बार 20 लाख से अधिक आवेदन का अनुमान है, जिससे इस एक परीक्षा से न्यूनतम एक अरब रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।

UP-TET 2026 Coaching News

​डिजिटल और ऑफलाइन कोचिंग की भारी मांग

​20 जनवरी को परीक्षा की तारीख घोषित होने और 20 मार्च को विज्ञापन जारी होने के बाद से ही कोचिंग संस्थानों में प्रवेश की होड़ मची है। ऑफलाइन सेंटरों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी 'क्रैश कोर्स', 'टारगेट बैच' और 'बेस्ट स्टडी मटेरियल' के नाम पर हजारों पैकेज बेचे जा रहे हैं। ऑनलाइन माध्यम से तैयारी कराने वाले संस्थान औसतन 1,000 से 5,000 रुपये तक की फीस वसूल रहे हैं। कुछ बड़े नाम वाले संस्थानों की फीस इससे भी कहीं अधिक है।

​सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने बढ़ाई अभ्यर्थियों की संख्या

​इस बार आवेदकों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का आदेश भी है। इस आदेश के अनुसार, 2011 से पहले नियुक्त कक्षा एक से आठ तक के सरकारी शिक्षकों को भी अब यह पात्रता परीक्षा पास करनी अनिवार्य है। लंबे समय से शिक्षण कार्य में व्यस्त ये शिक्षक, जो अब पढ़ाई से दूर हो चुके थे, अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहते और भारी संख्या में कोचिंग्स में दाखिला ले रहे हैं।

​अरबों के टर्नओवर का अनुमान

​विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 20 लाख संभावित आवेदकों में से आधे अभ्यर्थी (10 लाख) भी कोचिंग के जरिए तैयारी करते हैं और न्यूनतम 1,000 रुपये की फीस भी देते हैं, तो यह गणित सीधे तौर पर 1 अरब रुपये (100 करोड़) के पार पहुंच जाता है। कोचिंग संचालक भी इस मौके को भुनाने में पीछे नहीं हैं और बकायदा 130 से अधिक अंक दिलाने का दावा कर रहे हैं।

​क्यों मची है यह होड़?

​चार साल बाद होने जा रही इस टीईटी को लेकर नए अभ्यर्थियों के साथ-साथ पुराने अनुभवी शिक्षक भी गंभीर हैं। विज्ञापन जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर यूपी-टीईटी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अभ्यर्थी किसी भी कीमत पर इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहते, क्योंकि इसी पात्रता के बाद ही भविष्य की शिक्षक भर्तियों के रास्ते खुलेंगे।

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