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आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दिए जाने के संबंध में सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने केंद्र को लिख पत्र

Sir Ji Ki Pathshala

टीईटी अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने पुराने शिक्षकों को राहत देने हेतु केंद्र को लिखा पत्र

नई दिल्ली: शिक्षा जगत में इन दिनों एक महत्वपूर्ण चर्चा जोरों पर है, जिसका सीधा संबंध देश के हजारों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा है। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए एक प्रभावी कदम उठाया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से जुड़े मौजूदा नियमों में संशोधन की पुरजोर मांग उठाई है।

​सांसद डॉ. सोलंकी ने अपने पत्र के माध्यम से इस बात पर गहरा बल दिया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के प्रभावी होने से पहले जो शिक्षक अपनी सेवाएं शुरू कर चुके थे, उन पर वर्तमान में टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता। उनका तर्क है कि इन शिक्षकों ने उस समय के तत्कालीन नियमों और अर्हताओं के आधार पर अपनी नियुक्तियां प्राप्त की थीं और वे दशकों से शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके दीर्घकालिक अनुभव और समर्पण की अनदेखी करना उनके हितों के साथ अन्याय होगा।

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पुराने शिक्षकों को इस परीक्षा के दायरे में लाने से कई व्यावहारिक और मानसिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। जो शिक्षक अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं या जिन्होंने वर्षों तक शिक्षण कार्य किया है, उनके लिए इस उम्र में नई परीक्षा प्रणाली के साथ सामंजस्य बिठाना चुनौतीपूर्ण है। सांसद ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कड़े नियमों से न केवल शिक्षकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था में एक प्रकार की अस्थिरता और भ्रम की स्थिति भी पैदा कर सकता है।

​डॉ. सोलंकी ने केंद्र सरकार से विनम्र अनुरोध किया है कि संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन कर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस पात्रता परीक्षा से पूर्णतः मुक्त रखा जाए। उनका मानना है कि अनुभवी शिक्षकों को इस प्रशासनिक दबाव से राहत देने से शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा, क्योंकि शिक्षक अपना पूरा ध्यान और ऊर्जा छात्रों के सर्वांगीण विकास में लगा सकेंगे। यदि सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार करती है, तो यह आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त हुए हजारों शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक और सुखद निर्णय साबित होगा।

​डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी द्वारा केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लिखा गया पत्र - TET अनिवार्यता संशोधन मांग
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