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हर बच्चा पढ़ेगा, हर बच्चा बढ़ेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के जरिए दिया शिक्षा का नया मंत्र

Sir Ji Ki Pathshala

यूपी स्कूल चलो अभियान 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश और नए सत्र की गाइडलाइन

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में शिक्षा को अपना मुख्य आधार बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी 'योगी की पाती' संदेश के माध्यम से प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र की बधाई देते हुए एक उज्जवल भविष्य का आह्वान किया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा ही एक विकसित समाज की नींव है, और इसे सुनिश्चित करना राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालय केवल किताबी ज्ञान का केंद्र नहीं होते, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला के रूप में बच्चों के चरित्र को गढ़ते हैं।

School Chalo Abhiyan 2026 Yogi Adityanath Message

​विद्यार्थियों के लिए यह नया सत्र अपने सपनों में रंग भरने और अपनी रुचि के विषयों के साथ-साथ खेलकूद में सक्रिय भागीदारी का एक सुनहरा अवसर है। भगवान श्री राम की मर्यादा और श्री कृष्ण के कर्मयोग से प्रेरणा लेते हुए, शिक्षा को कर्तव्यपथ का हिस्सा बनाना अनिवार्य है। स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आज के तकनीकी युग में बच्चों को स्क्रीन टाइम के बजाय एक्टिविटी टाइम पर ध्यान देना चाहिए और स्वस्थ रहने के लिए खेलकूद व योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

​अभिभावकों की भूमिका भी इस शिक्षा क्रांति में अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा दिलाने के प्रयासों के साथ-साथ समाज के प्रति भी एक बड़ी जिम्मेदारी बनती है। हमें अपने आस-पड़ोस के उन बच्चों को भी शिक्षा के मंदिर तक पहुँचाने का संकल्प लेना चाहिए जो किसी कारणवश इससे वंचित हैं। सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, इसके लिए सामुदायिक जागरूकता बहुत जरूरी है। जब समाज का हर वर्ग जागरूक होगा, तभी 'सबको शिक्षा का अधिकार' का उद्देश्य धरातल पर सफल हो पाएगा।

​शिक्षा के इस महाभियान को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक 'स्कूल चलो अभियान' चलाया जा रहा है। यह अभियान सरकार के उस संकल्प का प्रमाण है जिसमें एक भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से पीछे न छूटे। मुख्यमंत्री का यह विजन "विकसित उत्तर प्रदेश" के लक्ष्य को तभी प्राप्त कर सकता है जब राज्य का हर बच्चा पढ़ेगा और बढ़ेगा। शिक्षा के प्रति यह सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त और समृद्ध प्रदेश का निर्माण करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रेषित 'योगी की पाती' की मुख्य बातें यहाँ बिंदुवार प्रस्तुत हैं:

  • शिक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का सबसे प्रमुख लक्ष्य है।
  • व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र: विद्यालय को केवल पढ़ाई का स्थान न मानकर उसे 'व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला' बताया गया है, जहाँ जीवन के मूल संस्कार मिलते हैं।
  • आदर्शों से प्रेरणा: बच्चों को प्रभु श्री राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप से प्रेरणा लेकर शिक्षा को कर्तव्यपथ का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया है।
  • विवेकानंद के सिद्धांत: स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाकर कठिन और असंभव लगने वाले लक्ष्यों को परिश्रम और सकारात्मक सोच से प्राप्त करने का संदेश दिया गया है।
  • डिजिटल जागरूकता: आज के तकनीकी युग में बच्चों को 'स्क्रीन टाइम' के स्थान पर 'एक्टिविटी टाइम' पर ध्यान देने और तकनीक का सही उपयोग सीखने की सलाह दी गई है।
  • स्वास्थ्य और योग: स्वस्थ शरीर और मन के लिए खेलकूद तथा योग को दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है।
  • अभिभावकों का संकल्प: अभिभावकों से अपील की गई है कि वे न केवल अपने बच्चों को पढ़ाएं, बल्कि आस-पड़ोस के उन बच्चों को भी स्कूल पहुँचाने का संकल्प लें जो शिक्षा से वंचित हैं।
  • स्कूल चलो अभियान 2026: राज्य में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाले 'स्कूल चलो अभियान' को सफल बनाने और हर बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
  • विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य: पत्र का मुख्य उद्देश्य "हर बच्चा पढ़ेगा, हर बच्चा बढ़ेगा" के मंत्र के साथ उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाना है।
School Chalo Abhiyan 2026 Yogi Adityanath Message

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