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शिक्षकों के लिए बड़ा झटका: अब बिना TET पास किए नहीं मिलेगा प्रमोशन और इंक्रीमेंट। खबर पड़ोसी राज्य से

Sir Ji Ki Pathshala 0

कोटा | शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शिक्षा मंत्रालय के हालिया फैसले ने उन शिक्षकों के बीच खलबली मचा दी है जो साल 2011 से पहले नियुक्त हुए थे। अब इन शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें न तो भविष्य में प्रमोशन मिलेगा और न ही वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) का लाभ दिया जाएगा।

क्या है नया नियम और समय सीमा?

शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि टीईटी अब केवल नई नियुक्तियों के लिए ही नहीं, बल्कि सेवा दे रहे पुराने शिक्षकों पर भी लागू होगा। मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • 2 साल का समय: जिन शिक्षकों की सेवा में अभी 5 वर्ष से अधिक का समय शेष है, उन्हें सितंबर 2025 से आगामी 2 वर्षों के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।
  • रिटायरमेंट के करीब वाले शिक्षकों को राहत: जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम का समय बचा है, वे बिना टीईटी के अपनी सेवा जारी रख सकते हैं। हालांकि, उन्हें भी प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा।
  • सुप्रीम कोर्ट की मुहर: केंद्र सरकार ने इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए टीईटी को न्यूनतम योग्यता का अनिवार्य हिस्सा माना गया है।

शिक्षकों में भारी आक्रोश और विरोध की चेतावनी

सरकार के इस फैसले से शिक्षक संघों में जबरदस्त रोष है। शिक्षक संघ रेस्ता के पदाधिकारियों का कहना है कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर अब यह नियम थोपना उनके अनुभव और सेवा के साथ अन्याय है।

"यह फैसला लाखों परिवारों की आजीविका पर चोट है। अनुभवी शिक्षकों को इस परीक्षा से छूट मिलनी चाहिए। हम इस नियम के खिलाफ एकजुट होकर विरोध करेंगे।"

— मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेस्टा 

सरकार का पक्ष: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही प्राथमिकता

दूसरी ओर, शिक्षा मंत्रालय और विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की मूल भावना के अनुरूप, बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह जरूरी है कि शिक्षक नवीनतम मानकों और पात्रता मानदंडों को पूरा करें। इससे न केवल शिक्षण के तरीकों में निखार आएगा, बल्कि नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बिंदु एक नजर में:

श्रेणी स्थिति नियम
2011 से पहले नियुक्त 5 वर्ष से अधिक सेवा शेष 2 साल में TET अनिवार्य वरना नौकरी पर संकट
वरिष्ठ शिक्षक 5 वर्ष से कम सेवा शेष नौकरी सुरक्षित, पर प्रमोशन और इंक्रीमेंट बंद
नवनियुक्त शिक्षक सभी TET अनिवार्य (पहले से लागू)


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