शिक्षा के क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग की शुरुआत करते हुए NCERT ने 3 से 8 वर्ष के बच्चों के लिए ‘ई-मैजिक बॉक्स’ (e-Magic Box) ऐप लॉन्च किया है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत और मनोरंजक बनाने के उद्देश्य से ली गई है।
1. तीन जादुई AI बॉट्स: जो देंगे हर सवाल का जवाब
इस ऐप की जान इसके तीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट्स हैं, जो बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं:
- कथा सखी: यह बॉट बच्चों को कहानियों की अद्भुत दुनिया में ले जाता है, जिससे उनकी कल्पना शक्ति बढ़ती है।
- पैरेंट तारा: बच्चों की परवरिश और शुरुआती शिक्षा को लेकर माता-पिता के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान यह बॉट तुरंत करता है।
- टीचर तारा: शिक्षकों को क्लासरूम में पढ़ाने के नए और प्रभावी तरीके सुझाने में मदद करता है।
2. बिना इंटरनेट और स्मार्टफोन के भी होगी पढ़ाई
इस डिजिटल पहल की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशिता (Inclusivity) है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे:
- IVRS सुविधा: जिन परिवारों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे टोल-फ्री नंबर 1800-212-0173 या 15108 डायल कर अपनी भाषा में कहानियां और गीत सुन सकते हैं।
- सोशल मीडिया इंटीग्रेशन: यह बॉट्स वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर भी उपलब्ध हैं, जिससे इनका उपयोग बेहद आसान हो गया है।
3. 'किंगडम ऑफ लर्निंग' अभियान
इस ऐप को घर-घर पहुँचाने के लिए NCERT ने ‘किंगडम ऑफ लर्निंग’ नामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इसका मकसद अभिभावकों और शिक्षकों को इस डिजिटल टूल के प्रति जागरूक करना है ताकि वे बच्चों के सीखने के अनुभव को और बेहतर बना सकें।
यह ऐप "खेल-खेल में शिक्षा" (Play-way method) को बढ़ावा देता है, जिससे छोटे बच्चों पर पढ़ाई का मानसिक बोझ नहीं पड़ता।


