Type Here to Get Search Results !

बीएलओ को धमकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, निर्वाचन आयोग से सख्त कार्रवाई की अपील

Sir Ji Ki Pathshala 0

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बीएलओ (BLO) और संबंधित अधिकारियों को धमकाए जाने के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। शीर्ष अदालत ने निर्वाचन आयोग (ECI) को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों को समय रहते अदालत के संज्ञान में नहीं लाया गया, तो इससे “अराजकता” फैल सकती है।


SIR

“SIR बिना गड़बड़ी के होना चाहिए”—सुप्रीम कोर्ट

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि SIR प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और बिना किसी दबाव के संपन्न हो। यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई जिसमें पश्चिम बंगाल में SIR के अंतिम प्रकाशन तक राज्य के पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेजने की मांग की गई थी।


असम में भी SIR की मांग, निर्वाचन आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने असम में SIR कराने की मांग वाली एक अलग याचिका पर भी निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न राज्यों में SIR को लेकर अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं, जिससे भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अदालत ने इस पर निर्वाचन आयोग से विस्तृत जवाब माँगा है।


“पहले नागरिकता लें, फिर वोटर सूची में नाम”—सीएए आवेदकों पर सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख

सुप्रीम कोर्ट ने उन व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने का आदेश देने से इनकार कर दिया है, जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है।

पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा—
“जब तक सक्षम प्राधिकार नागरिकता पर फैसला नहीं करता, तब तक उन्हें मतदाता सूची में कैसे शामिल किया जा सकता है? पहले नागरिकता प्राप्त करें, फिर वोटर सूची में नाम दर्ज किया जाएगा।”

यह टिप्पणी गैर-सरकारी संगठन ‘आत्मदीप’ की याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें बांग्लादेश से आने वालों के नाम SIR में शामिल करने की मांग की गई थी।


अदालत के संदेश का सार

  • बीएलओ और चुनाव अधिकारियों को धमकाना गंभीर अपराध माना जाएगा।
  • निर्वाचन आयोग ऐसी घटनाओं को तुरंत अदालत के संज्ञान में लाए।
  • SIR प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से पूरी की जाए।
  • CAA आवेदनकर्ताओं का मतदाता सूची में नाम तभी शामिल होगा जब वे औपचारिक रूप से नागरिकता प्राप्त कर लें।


إرسال تعليق

0 تعليقات
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.