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कुछ लोग खुश हो रहे हैं कि अब हेड मास्टर का वेतन आसानी से मिल जाएगा : हिमांशु राणा

Sir Ji Ki Pathshala

कुछ लोग खुश हो रहे हैं कि अब हेड मास्टर का वेतन आसानी से मिल जाएगा : हिमांशु राणा

कुछ लोग खुश हो रहे हैं कि अब हेड मास्टर का वेतन आसानी से मिल जाएगा।

लेकिन मैं आपको एक किस्सा सुनाता हूं —

एक दिन लखनऊ में शुक्ला सर के पास था।

सर ने मुझसे पूछा – “आपका क्या locus है?”

मैंने जवाब दिया – “मुझसे जूनियर अगर अधिक वेतन लेगा, तो मैं अपना वेतन खुद बढ़वा लूंगा।”

इस पर सब लोग हँस पड़े।

लेकिन जब डिवीजन बेंच का आदेश आया और मैंने पॉइंट 20 पढ़ा, तो उसमें बिल्कुल साफ़ लिखा था — सिर्फ़ senior-most को ही यह लाभ मिलेगा।

जज साहब अच्छी तरह जानते थे किबेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के प्रावधान क्या हैं और वरिष्ठता तय करने का तरीका क्या है। 

सबसे पहले, वरिष्ठता को समझने के लिए बेसिक शिक्षा नियमावली का Section 22 पढ़ना ज़रूरी है — यहीं तक नहीं, इसमें तो ट्रांसफर लेने के बाद डिमोशन तक की व्यवस्था लिखी हुई है।

अब आते हैं मौजूदा आदेश पर — यह आदेश विभाग के अधिकारियों को नाकों चने चबवा देगा। क्योंकि अब बहुत बड़ा रायता फैल चुका है।

सरकार चाहे या न चाहे, अगर वेतन देना है तो आदेश का पालन करना ही होगा। लेकिन यह वेतन केवल उसी इंचार्ज को मिलेगा जो —

 1. सीनियर हो

 2. सहायक अध्यापक के पद पर कम से कम 5 साल का अनुभव रखता हो

 3. न्यूनतम योग्यता TET भी पूरी करता हो

जब सरकार यह सब देखेगी, तो उसे सोचना ही पड़ेगा कि TET वालों का प्रमोशन किया जाए। यही बात हमारी याचिका Writ A 523/2024 (Himanshu Rana & Ors. Vs Union of India & Ors.) में भी कही गई है — कि Eligible Candidates यानी TET उत्तीर्ण शिक्षकों को promotion दिया जाए। 

आज के प्रकरण के बाद सरकार का PTR (Pupil Teacher Ratio) का पूरा खेल बिगड़ गया है। अब चाहे विद्यालय में 150 नामांकन हो या न हो — हेड रखो या हेड के बराबर वेतन दो, यह करना ही होगा।

सरकार सोच रही थी कि हेड की पोस्ट खत्म कर देंगे और बचा लेंगे, लेकिन अब उस सोच का कोई औचित्य ही नहीं बचा।

#rana