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परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पठन-पाठन हेतु निर्धारित समय-सारिणी (Time Table) के अनुपालन के संबंध में।

Sir Ji Ki Pathshala

परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पठन-पाठन हेतु निर्धारित समय-सारिणी (Time Table) के अनुपालन के संबंध में।

बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से टाइम एण्ड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्यों के लिये समय अवधि एवं कार्य निर्धारण के संबंध में है। उक्त शासनादेश के माध्यम से उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों के लिये विद्यालय अवधि, शैक्षणिक समय, समय-सारिणी, शिक्षण दिवस, सार्वजनिक अवकाश ग्रीष्मावकाश/शीतकालीन अवकाश, विद्यालयों में पंजिकाओं के रख-रखाव आदि के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रेषित किये गये हैं। 

Time Table for Basic Schools all Classes

उक्त शासनादेश में समय-सारिणी के संबंध में निम्नवत् निर्देशित किया गया है :-

"विद्यालय निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही संचालित किये जायेंगे। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार प्रत्येक कालाँश 40 मिनट का होगा। प्रत्येक कालाँश में शिक्षकों द्वारा अपने विषय से लिये सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया जाये एवं पिछले दिनों पढ़ाये गये पाठ की पुनरावृत्ति/रिकैप के जुड़ाव कराया जाये। तदुपरान्त प्रभावी कक्षा शिक्षण/गतिविधियों का संचालन एवं कालाँश के अंत में पढ़ाये/सिखाये गये पाठ्य बिन्दु का समेकन किया जाये।"

विद्यालयों के लिये तैयार की गयी समय-सारिणी संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश :-

  • निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार विद्यालय में शिक्षण अधिगम एवं अन्य गतिविधियाँ सुनिश्चित की जायेंगी।
  • विद्यालय अवधि के प्रथम 15 मिनट में प्रार्थना सभा, योग और छात्र उपस्थिति गणना/अंकन का कार्य किया जाये।
  • मध्याह्न भोजन वितरण के लिये 30 मिनट निर्धारित है, इस अवधि में बच्चों को बैठाना, भोजन वितरण कराना एवं वापस कक्षा में जाने का कार्य पूर्ण किया जाये।
  • विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता के अनुसार समय-सारिणी तैयार की जाये विद्यालय में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या के आधार पर ही समय-सारिणी के अनुरूप प्रधानाध्यापक द्वारा कक्षाओं का विभाजन एवं आवंटन किया जाये।
  • दैनिक शिक्षण योजना एवं साप्ताहिक शिक्षण योजना को लागू करते हुये पाठ्य पुस्तकों में उल्लिखित मासिक विभाजन के अनुसार कक्षावार एवं विषयवार पाठ्यक्रम प्रत्येक माह अवश्य पूर्ण कराया जाये। 
  • कक्षावार, कालांशवार, विषयवार एवं दिवसवार समय-सारिणी के अनुपालन किये जाने हेतु प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाये।
  • विद्यालयों में प्रभावी कक्षा शिक्षण हेतु उपलब्ध करायी गयी विभिन्न शैक्षणिक सामग्री यथा- संदर्शिका, कार्यपुस्तिका, प्रिंटरिच सामग्री, टीएलएमा किट्स, तालिका आदि का उपयोग कराते हुये प्रभावी कक्षा शिक्षण सुनिश्चित किया जाये।
  • विद्यालय की कक्षावार एक समेकित समय-सारिणी प्रधानाध्यापक कक्ष एवं विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाये, जिससे कि अभिभावकों, निरीक्षणकर्ता एवं अन्य आगन्तुकों को कक्षावार, कालांशवार एवं विषयवार समय-सारिणी ज्ञात हो सके।
  • विद्यालयों द्वारा उपयोग में लायी जाने वाली समय-सारिणी का मुद्रण विद्यालय के कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट से किया जायेगा।
  • सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के माध्यम से तथा विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान भी समय-सारिणी का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये ।

तत्क्रम में समय-सारिणी तथा तत्संबंधी यूजर मैनुअल इस आशय से संलग्न कर प्रेषित किया जा रहा है कि उक्तानुसार शिक्षण कार्य सुनिश्चित कराया जाये तथा आगामी एक सप्ताह में प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट भी किया जाये। उक्त के संबंध में अपने स्तर से जनपद के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों को अवगत कराते हुए तद्नुसार निर्देशित करने का कष्ट करें।

भवदीया,
(कंचन वर्मा) महानिदेशक, स्कूल शिक्षा
उत्तर प्रदेश ।
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