Type Here to Get Search Results !

को-लोकेटेड आंगनबाडी केन्द्रों / बालवाटिका में ECCE एजुकेटर का 5 दिवसीय आरंभिक प्रशिक्षण एवं प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक के 1 दिवसीय उन्मुखीकरण के सम्बन्ध में।

Sir Ji Ki Pathshala 0

को-लोकेटेड आंगनबाडी केन्द्रों / बालवाटिका में ECCE एजुकेटर का 5 दिवसीय आरंभिक प्रशिक्षण एवं प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक के 1 दिवसीय उन्मुखीकरण के सम्बन्ध में।

महोदय, 

कृपया राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक: प्री-प्राइमरी/ECCE Training/1619/2024-25 दिनांक 04-06-2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा बालवाटिका/को-लोकेटेड आंगनबाडी केन्द्रों में तैनात ईसीसीई एजुकेटर के क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण हेतु जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिनांक 16-06-2025 से 21-06-2025 के मध्य दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बक्शी का तालाब, लखनऊ में पूर्ण किया जा चुका है।

Co-Located Aanganwadi Centers

उपरोक्त क्रम में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित संदर्भदाताओं द्वारा विद्यालय में तैनात ई०सी०सी०ई० एजुकेटर्स का 05 दिवसीय प्रशिक्षण एवं संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक का 01 दिवसीय अभिमुखीकरण जनपद स्तर पर किया जायेगा।

जनपद स्तरीय प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण हेतु सामान्य दिशा निर्देश

जनपद स्तरीय प्रशिक्षण हेतु राज्य स्तर पर प्रशिक्षित संदर्भदाताओं की सूची संलग्न (संलग्नक-1) कर प्रेषित की जा रही है। प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की अध्यक्षता में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक प्रशिक्षण एवं राज्य स्तर से प्रशिक्षित सदंर्भदाताओं के साथ बैठक आयोजित करते हुए प्रशिक्षण हेतु आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उल्लेखनीय है कि अधिकांश जनपदों में ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती की प्रक्रिया गतिमान है। 

अतः इस सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से यह अपेक्षा है कि जनपद में ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती के 15 दिनों के अंदर उक्त प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन सुनिश्चित किया जाये । प्रशिक्षण संचालन से पूर्व प्रशिक्षण संबंधी निम्नांकित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से की जायें, जिससे कि प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्यक रूप से पूर्ण कराया जा सके-

  • लैपटॉप, प्रोजेक्टर स्क्रीन के साथ।
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी।
  • जनरेटर (विद्युत आपूर्ति हेतु)।
  • प्रतिभागियों की बैठक व्यवस्था हेतु पर्याप्त फर्नीचर।
  • स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय।
  • स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
  • हैण्डवॉश एवं सैनेटाइजर की व्यवस्था।
  • प्रतिभागी :- समस्त ई०सी०सी०ई० एजुकेटर 05 दिवसीय प्रशिक्षण एवं आखिरी दिवस (छठे दिवस) में केवल संबंधित प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक।
  • उपर्युक्त प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण से संबंधित दिवसवार मिनट टू मिनट् कार्यक्रम की रूपरेखा संलग्न कर प्रेषित किया जा रहा है (संलग्नक-2)।
  • प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण कार्यक्रम के सभी सत्रों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जायेगा।
  • प्रत्येक प्रतिभागी (ईसीसीई एजुकेटर) को नोट पैड, पेन एवं फोल्डर की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी ।

कार्य एवं दायित्व:-

प्राचार्य डायट के दायित्व

  • जनपद स्तरीय प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु समस्त दिशा निर्देश प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए निर्गत किये जायेंगे ।
  • प्रशिक्षण से संबंधित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा अकादमिक नेतृत्व प्रदान किया जायेगा। 
  • प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी मास्टर ट्रेनर द्वारा ईसीसीई एजुकेटर का प्रशिक्षण एवं प्रधानाध्यापक का उन्मुखीकरण करायेंगे ।
  • राज्य स्तर पर सदंर्भदाता के रूप में प्रशिक्षित डायट मेंटर (संबंधित डायट) एवं एस०आर०जी० द्वारा प्रशिक्षण / अभिमुखीकरण के प्रत्येक दिवसों का सत्र संचालन ससमय किया जायेगा तथा प्रशिक्षण के मुख्य बिंदुओं को सम्मिलित करते हुए प्रत्येक दिवस की संक्षिप्त आख्या प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करायी जायेगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के दायित्व
  • पी०ए० बी० 2025-26 के अनुमोदन के क्रम में उक्त प्रशिक्षण की लिमिट संलग्न तालिकानुसार जारी की जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी संबंधित जनपद का यह उत्तरदायित्व होगा कि जनपद स्तरीय प्रशिक्षण में होने वाले व्यय का भुगतान जनपद स्तर से करेंगें ।
  • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा डायट मेंटर, एसआरजी एवं जिला समन्वयक के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ईसीसीई एजुकेटर के प्रशिक्षण एवं प्रधानाध्यापक के अभिमुखीकरण की तिथि एवं स्थान सुनिश्चित करेंगे।
  • प्रशिक्षण के उपरांत ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती संबंधित विद्यालय में सुनिश्चित करेंगे।
  • छठे दिवस में ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक का अभिमुखीकरण सुनिश्चित करायेंगे ।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के दायित्व
  • जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) जनपद में संपादित किये जाने वाले प्रशिक्षण को सफलता पूर्वक सम्पादित कराने हेतु नोडल के रूप में कार्य करेंगे एवं उक्त प्रशिक्षण से संबंधित समस्त व्यवस्थायें एवं बजट आवंटन का कार्य ससमय संपादित करायेंगे ।
  • राज्य स्तर से प्रशिक्षण संबंधी सूचनाओं एवं डायट स्तर पर प्रशिक्षण हेतु अकादमिक नेतृत्व प्रदान कराने में जिला परियोजना कार्यालय एवं डायट के मध्य समन्वय स्थापित करने हेतु उत्तरदायी होंगे।
  • प्रशिक्षण हेतु सामग्री जैसे - वंडरबॉक्स, बिग बुक्स, लर्निंग कॉनर आदि, प्रशिक्षण स्थल पर उपलब्ध करायेंगे ।
वित्तीय प्राविधान :-

जनपद स्तरीय प्रशिक्षण / अभिमुखीकरण कार्यक्रम हेतु व्यय के मानक निम्नवत् हैं-

  • भोजन एवं जलपान हेतु प्रति प्रतिभागी रू० 200/- (प्रतिदिन)
  • स्टेशनरी / कन्टेजेंसी एवं प्रशिक्षण मैनुअल के मुद्रण हेतु रू० 500/- ( प्रति ईसीसीई एजुकेटर) एवं रू० 100/- (प्रति प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक)
(नोट:- ईसीसीई एजुकेटर को प्रतिभागी मैनुअल, एन०ई०पी० हैण्डऑउट, नोट पैड, पेन, फोल्डर एवं प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक को नोट पैड, पेन, फोल्डर उपलब्ध कराया जाये ।)
  • उपर्युक्त कार्यक्रम हेतु धनराशि रू० 27.14400 लाख की अनुमन्य लिमिट राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के ZBSA खाते में जारी की जा रही है। (जनपदवार सूची संलग्नक : - 3 ) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी का दायित्व होगा कि जनपद स्तरीय प्रशिक्षण में होने वाले व्यय का भुगतान जनपद स्तर से करेंगे।
  • सन्दर्भित मद में किया जाने वाला व्यय वित्तीय नियमों / क्रय नियमों तथा 'फाइनेन्शियल मैनेजमेण्ट एण्ड प्रोक्योरमेण्ट 2024 के प्राविधानों एवं सुसंगत शासनादेशों के अन्तर्गत नियमानुसार करते हुए उपभोग प्रमाण पत्र राज्य परियोजना कार्यालय को अनिवार्यतः उपलब्ध कराया जायेगा ।
  • उपर्युक्त मद में किए गए व्यय से सम्बन्धित बिल वाउचर ब्लॉक / जनपद स्तर पर संरक्षित रखें जायें एवं नियमानुसार आन्तरिक एवं वैधानिक सम्प्रेक्षण के समय प्रस्तुत किये जायेंगे।
  • व्यय का विवरण (मदवार) कार्य पूर्ण होने के उपरान्त राज्य परियोजना कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जायेगा। जिस मद में धनराशि स्वीकृत की जा रही है, उसी मद में व्यय की जायेगी । मद विचलन मान्य नहीं होगा। आवंटित धनराशि से अधिक व्यय किसी भी परिस्थिति में मान्य नहीं होगा।
  • दोहरे भुगतान की स्थिति में सम्बन्धित आहरण वितरण अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा।
  • भुगतान / व्यय तथा बैंक से वास्तविक रूप से डेबिट होने के उपरान्त संबंधित का व्यय प्रबन्ध पोर्टल के अनावर्तक मद के स्तर (Pre Primary Support to Pre-Primary Existing (Recurring)) मद में अंकित करना सुनिश्चित किया जायेगा ।
  • महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० की नियमित समीक्षा बैठक में भी सम्बन्धित कार्यक्रम / गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया जायेगा ।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि उक्तानुसार अभिमुखीकरण प्रशिक्षण निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

सम्पूर्ण आदेश की PDF डाउनलोड करें 👇


إرسال تعليق

0 تعليقات
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Bottom Post Ad