आठवें वेतन आयोग के गठन के सम्बन्ध में सांसद सुश्री कंगना रनौत एवं श्रीमती साजदा अहमद द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब देखें।
8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने गत जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग की घोषणा की थी, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और पेंशन संशोधन के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। वेतन आयोग की घोषणा के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स पैनल के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकार के अगले महीने इस संबंध में घोषणा करने की उम्मीद है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर देरी संभव
चूंकि वर्तमान 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो पाएंगी या नहीं। पिछले अनुभवों को देखते हुए यह संभावना कम है क्योंकि पूर्व के वेतन आयोगों को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में आमतौर पर एक वर्ष से अधिक का समय लगा है। इस बार वेतन आयोग की घोषणा में हुई देरी के कारण संभावना है कि इसकी सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2026-27 में ही लागू हो पाएंगी।
आठवें वेतन आयोग के गठन का मुद्दा संसद में उठा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत और तृणमूल कांग्रेस की सांसद सजदा अहमद ने लोकसभा में 8वें वेतन आयोग की गठन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार ने 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित की है। इसके अलावा उन्होंने वेतन आयोग के कार्य क्षेत्र (Terms of Reference) की प्रगति के बारे में भी जानकारी मांगी।



