नियम 105 के अंतर्गत अपार आईडी विषयक चर्चा सदन में कराए जाने सम्बन्ध में।
प्रमुख सचिव, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश ।
नियम 105 के अंतर्गत सूचना
सदन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान छात्रों की अपार आईडी बनने में होने वाली कठिनाइयों की ओर आकर्षित कराना चाहते है। छात्रों की अपार आईडी बनने में स्कूल के रिकॉर्ड एवं छात्र का आधार एवं माता-पिता के आधार से भी रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। आधार में छोटी भी त्रुटि हो तो अपार आईडी वैलिडेट नहीं हो पाती है। आधार में कोई छोटा परिवर्तन भी है तो उसमें संशोधन भी छात्र / अभिभावक को ही कराना है। इसके लिए स्कूल को दोषी नहीं माना जा सकता है। स्कूल का कंप्यूटर ऑपरेटर केवल विद्यालय के शैक्षिक रिकार्ड के द्वारा रिकॉर्ड फीड कर सकता है परंतु आधार कार्ड में संशोधन छात्र / अभिभावक को ही कराना होता है माननीय सुप्रीम कोर्ट भी यह कहता है कि जन्म तिथि या निवास के प्रमाण के रूप में आधार अनिवार्य नहीं है ।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारियों के द्वारा स्कूलों पर अपार आईडी पूर्ण करने का जबरदस्ती दबाव भी बनाया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2025 पत्रांक 880, 882, 903 के द्वारा विद्यालय को जबरदस्ती धमकाया जा रहा है एवं मान्यता प्रत्याहरण करने की कार्रवाई किए जाने का आदेश भी दिया जा रहा है। यह कार्य पूर्णतया असंवैधानिक है। विद्यालय की जिम्मेदारी केवल उसके द्वारा शैक्षिक रिकार्ड फीड किए जाने तक तय हो। अपार आईडी बनने में यदि आधार वैलिडेट नहीं होता तो विद्यालय को जिम्मेदार नहीं माना जाए। अधिकारियों की इस मनमर्जी पर रोक लगे। आधार कार्ड वैलिडेट ना हो तो छात्र /अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उन पर विधिपूर्ण करवाई उत्तर प्रदेश सरकार करें। प्रदेश के अधिकारियों की मनमरजी से वित्तविहीन विद्यालय, सरकारी प्राइमरी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूलों में गंभीर रोष एवं असंतोष व्याप्त है। स्थिति विस्फोटक एवं गंभीर है ।
अतएव शिक्षा से जुड़े हुए इस महत्वपूर्ण एवं तात्कालिक विषय पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराए जाने की मांग करते हैं ।
दिनांक - 20.02.2025
(डॉ० ऑकाश अग्रवाल) सदस्य विधान परिषद
राजष्टा उनी রल
( राजबहादुर सिंह चन्देल) सदस्य विधान परिषद


