पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना: एक सप्ताह में भौतिक सत्यापन कर प्रमाण-पत्र देने के सख्त निर्देश जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पीएम श्री की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 में प्राप्त वित्तीय स्वीकृति के तहत चयनित विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई है। इसके अंतर्गत यूपीडेस्को (UPDCO) के माध्यम से चयनित आपूर्तिकर्ता संस्थाओं द्वारा उपकरणों की आपूर्ति व इंस्टॉलेशन का कार्य किया गया है। हालांकि खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा पूर्व में एनबीडीआईयू पोर्टल पर सत्यापन किया गया था, लेकिन अब मौके पर उपकरणों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए भौतिक सत्यापन प्रमाण-पत्र मांगा गया है।
परियोजना कार्यालय द्वारा वर्षवार 503, 67 तथा 559 विद्यालयों (कुल 1129 विद्यालय) की सूची जारी की गई है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे जारी चेकलिस्ट के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में उपकरणों के इंस्टॉलेशन का स्थलीय सत्यापन कराएं तथा निर्धारित प्रारूप पर एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से राज्य परियोजना कार्यालय को प्रमाण-पत्र प्रेषित करें।
चेकलिस्ट के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित मानकों के डेस्कटॉप कंप्यूटर (Intel Core i5 12th Gen या AMD Ryzen 5, 8 GB RAM, 512 GB SSD), प्रत्येक सिस्टम के लिए 3 वर्ष का ई-लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर लाइसेंस, यूपीएस (UPS), डिवाइस मैनेजमेंट एप्लीकेशन, एंड पॉइंट प्रोटेक्शन, ऑडियो बुक्स सुनने हेतु हेडसेट और 4G/5G सिम समर्थित वाई-फाई राउटर की आपूर्ति की पुष्टि की जानी है। इसके साथ ही विद्यालय के नोडल शिक्षक को मिले प्रशिक्षण की स्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज की जाएगी।
सत्यापन प्रमाण-पत्र पर संबंधित जनपद के एमआईएस (MIS) जिला समन्वयक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।





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