नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने देश की प्रमुख प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने परीक्षा-विशिष्ट साइबर इन्सिडेंट रिस्पॉन्स व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हर परीक्षा के लिए अलग प्रतिक्रिया तंत्र
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अब प्रत्येक परीक्षा चक्र के लिए एक अलग साइबर सुरक्षा तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी संभावित साइबर हमले, डेटा से छेड़छाड़ या तकनीकी गड़बड़ी से तुरंत निपटना है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के दिनों में उच्चस्तरीय सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी) मॉनिटरिंग के साथ रैपिड रिस्पॉन्स क्षमता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सामान्य साइबर निगरानी के बजाय अब प्रत्येक परीक्षा के सिस्टम, वर्कफ्लो और उसके संभावित जोखिमों के आधार पर सुरक्षा तंत्र सक्रिय होगा।
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुख्य बिंदु:
- एनटीए परीक्षा चक्र शुरू होने से पहले परीक्षा से जुड़े तकनीकी और सहायक सिस्टम की सुरक्षा तैयारियों की पूरी समीक्षा करेगा।
- परीक्षा दिवस के तकनीकी सुरक्षा पहलुओं को टेस्ट सिक्योरिटी फंक्शन के साथ जोड़ा गया है, जिसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस मैचिंग, सीसीटीवी सिस्टम और लाइव मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
- साइबर सुरक्षा व्यवस्था को संस्थागत रूप देने के लिए एनटीए ने एक समर्पित मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ) का पद भी नामित किया है।
- सीईआरटी-इन और सी-डैक से सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से स्वतंत्र थर्ड पार्टी साइबर सुरक्षा ऑडिट भी लगातार किए जा रहे हैं, ताकि डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सके।
यह पूरा सुरक्षा ओवरहाल मुख्य रूप से नीट पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए की पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और सुरक्षित बनाने की व्यापक प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।


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