Search Suggest

प्रशस्त 2.0 (PRASHAT 2.0) एप के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग के सम्बन्ध में।

PRASHAT 2.0 एप के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए PRASHAST 2.0 एप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

निर्देश के अनुसार PRASHAST 2.0 एप के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के सभी बच्चों की स्क्रीनिंग की जानी है। स्क्रीनिंग शुरू करने से पहले विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संबंधित आवश्यक जानकारी एप पर अपडेट की जाएगी।

शिक्षकों को वीडियो देखना अनिवार्य

स्क्रीनिंग से पहले सरकारी, परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के शिक्षकों को एप पर उपलब्ध सेंसिटाइजेशन वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। कुल 10 वीडियो उपलब्ध हैं, जिनकी अवधि लगभग 40 मिनट है। इन वीडियो के माध्यम से समावेशी शिक्षा और विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं की समझ, पहचान और अवलोकन से संबंधित जानकारी दी गई है।

इन बच्चों की पहचान पर रहेगा जोर

PRASHAST 2.0 के माध्यम से स्क्रीनिंग में गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता, दृष्टिबाधिता, श्रवणबाधिता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशेष अधिगम अक्षमता, स्वपरायणता स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक दिव्यांगता और अन्य दिव्यांगताओं से संबंधित संकेतों की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा।

शुरुआती पहचान में मिलेगी मदद

इस स्क्रीनिंग का उद्देश्य बच्चों में विशेष आवश्यकता से संबंधित संभावित समस्याओं की शुरुआती पहचान करना है, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें उचित सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।

📥 पूरी PDF डाउनलोड करें
📌 प्रिंट करने हेतु यहाँ से आधिकारिक PDF सुरक्षित करें।

PRASHAST 2.0