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NTA परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, JSSC-CGL परीक्षाओं पर भी फैसला

NTA की परीक्षा प्रक्रियाओं का ऑडिट होगा। JSSC-CGL समेत परीक्षाओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर बड़े फैसले।

नई दिल्ली/रांची। परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा और सुधार की तैयारी तेज कर दी गई है। शिक्षा मंत्रालय की बैठक में परीक्षा व्यवस्था को और सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

NTA की सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का होगा ऑडिट

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनटीए को अपनी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट कराने और सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। परीक्षा के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

NTA परीक्षा अपडेट

इसके साथ ही गोपनीय संचालन, सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने की व्यवस्था में भी व्यापक सुधार किए जाने की बात कही गई है।

50 से अधिक कर्मचारियों पर कार्रवाई

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के तहत एनटीए ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की जानकारी दी है। इसके अलावा मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और परीक्षा सुरक्षा सहित करीब 10 प्रमुख पदों पर पेशेवरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।

यह कदम हाल में कुछ परीक्षाओं में सामने आई तकनीकी एवं व्यवस्थागत गड़बड़ियों के बाद उठाया गया है।

झारखंड में जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला

वहीं, झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल समेत परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय सामने आया है। दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया है।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित किए जाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में हुई संभावित गड़बड़ियों की जांच कर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है।

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

एनटीए और झारखंड की परीक्षा एजेंसियों से जुड़े इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। आने वाले समय में परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी प्रणाली में किए जाने वाले सुधारों पर विशेष नजर रहेगी।