उत्तर प्रदेश के सरकारी परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिड-डे मील योजना (PM POSHAN Scheme) के अंतर्गत साप्ताहिक आहार तालिका (मेन्यू) लागू की गई है। इस नई भोजन सूची का उद्देश्य बच्चों को आवश्यक पोषण प्रदान करना, उनकी शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि सुनिश्चित करना तथा विद्यालयों में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना है।
नई साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाएगा। इसके साथ ही प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 100 बच्चों के अनुसार आवश्यक खाद्य सामग्री की मात्रा भी निर्धारित की गई है।
👉 सोमवार का मेन्यू
सोमवार को विद्यार्थियों को रोटी-सब्जी दी जाएगी, जिसमें सोयाबीन अथवा दाल की बड़ी का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ बच्चों को ताजा मौसमी फल भी उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन में गेहूं की रोटी तथा मौसमी सब्जियां शामिल रहेंगी।
👉 मंगलवार का मेन्यू
मंगलवार को चावल-दाल परोसी जाएगी। दाल के रूप में मूंग, अरहर अथवा अन्य उपलब्ध दालों का उपयोग किया जा सकेगा। यह भोजन प्रोटीन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है।
👉 बुधवार का मेन्यू
बुधवार को तहरी एवं गर्म उबला हुआ दूध दिया जाएगा। तहरी में चावल और मौसमी सब्जियों का उपयोग किया जाएगा, जबकि प्रत्येक छात्र को निर्धारित मात्रा में गर्म दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दिन बच्चों के पोषण की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
👉 गुरुवार का मेन्यू
गुरुवार को विद्यार्थियों को रोटी-दाल परोसी जाएगी। इसमें गेहूं की रोटी के साथ चना, अरहर या अन्य दाल शामिल होगी, जिससे बच्चों को पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त हो सके।
👉 शुक्रवार का मेन्यू
शुक्रवार को सोयाबीन की बड़ी युक्त तहरी दी जाएगी। इसमें चावल, मौसमी सब्जियां और सोयाबीन की बड़ी का उपयोग किया जाएगा, जिससे भोजन अधिक पौष्टिक बनेगा।
👉 शनिवार का मेन्यू
शनिवार को चावल एवं सब्जी युक्त दाल परोसी जाएगी। इसमें चावल के साथ मौसमी और ताजी मौसमी सब्जियों से युक्त दाल उपयोग किया जाएगा।
✅ 100 बच्चों के लिए सामग्री की मात्रा
साप्ताहिक मेन्यू के साथ प्रत्येक दिन 100 प्राथमिक एवं 100 उच्च प्राथमिक विद्यार्थियों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की मात्रा भी निर्धारित की गई है। इसमें आटा, चावल, दाल, सोयाबीन की बड़ी, मौसमी सब्जियां, तेल/घी तथा दूध की मात्रा स्पष्ट रूप से तय की गई है, ताकि सभी विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और मात्रा एक समान बनी रहे।
महत्वपूर्ण निर्देश
- जहां भी सोयाबीन का उपयोग किया जाए, वहां निर्धारित मात्रा का पालन अनिवार्य होगा।
- बुधवार को भोजन के साथ उबला हुआ गर्म दूध उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- विद्यालयों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार और वितरित करना होगा।
- भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मिड-डे मील योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण को कम करना, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। संतुलित आहार बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनकी सीखने की क्षमता को भी बेहतर बनाता है।
नई साप्ताहिक आहार तालिका के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को विविध और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यदि सभी विद्यालय निर्धारित मेन्यू का सही तरीके से पालन करते हैं, तो इससे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और विद्यालय में नियमित उपस्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
