Search Suggest

माध्यमिक शिक्षा विभाग में 33 हजार से अधिक शिक्षकों की हुई भर्ती, देखें नियुक्तियों का पूरा लेखा-जोखा

यूपी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में रिकॉर्ड 33,401 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की भर्ती की है। जानें टीजीटी (TGT) और पीजीटी (PGT) पदों का पूरा विवरण।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। साल 2017 के बाद से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को प्राथमिक एजेंडा बनाते हुए सरकार ने मिशन मोड में काम किया, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड 33,401 पदों पर शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की तैनाती की गई है।

UP-Teacher-Recruitment-Secondary-Education-Schools

​ठप पड़ी भर्ती प्रक्रिया को मिली नई रफ्तार

​साल 2017 से पहले प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी तरह ठप पड़ी थी। इसके कारण स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी हो गई थी, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा के स्तर पर पड़ रहा था। युवाओं के सामने भी रोजगार का संकट था। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए और खाली पदों को भरने की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया।

​नियुक्तियों का पूरा लेखा-जोखा (अप्रैल 2017 से 2022 तक)

​उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड नियुक्तियां की गई हैं। इस दौरान कुल 33,401 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें सबसे बड़ी संख्या प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों की रही।

​विभाग के अनुसार, स्कूलों में 27,297 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और 5,321 प्रवक्ताओं (PGT) की भर्ती की गई है। इसके साथ ही, स्कूलों के सुचारू संचालन और बेहतर प्रबंधन के लिए 783 प्रधानाचार्यों की भी नियुक्ति की गई है।

​युवाओं को रोजगार और स्कूलों को मिला मजबूत नेतृत्व

​इस बंपर भर्ती से न केवल उत्तर प्रदेश के हजारों योग्य युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के नए अवसर मिले हैं, बल्कि स्कूलों की पूरी तस्वीर भी बदल गई है।

  • शैक्षणिक नेतृत्व में सुधार: 783 प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से स्कूलों का प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचा मजबूत हुआ है।
  • विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता: 27 हजार से अधिक टीजीटी और 5 हजार से अधिक प्रवक्ताओं के आने से अब छात्रों को हर विषय के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।
बदलाव का असर: सरकार के इस कदम से माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। खाली पदों के भरने से अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत हुई है।