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टीईटी अनिवार्यता मामले में कल 13 मई को TFI की ओर से पैरवी करेंगे देश के दो दिग्गज वरिष्ठ वकील

टेट (TET) मामले में TFI की ओर से सुप्रीम कोर्ट के दो दिग्गज वकील—पूर्व न्यायाधीश पी.एस. पटवालिया जी और वी. गिरि जी—पैरवी करेंगे। पूरी खबर पढ़ें

शिक्षक हितों की रक्षा के लिए टीएफआई का बड़ा फैसला, रिव्यू पिटीशन की ओपन कोर्ट हियरिंग में श्री पी.एस. पटवालिया और श्री वी. गिरि रखेंगे मजबूती से पक्ष।

​शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से संबंधित कानूनी विवादों में देश के हजारों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने पूरी ताकत झोंक दी है। माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित रिव्यू पिटीशन की ओपन कोर्ट हियरिंग को लेकर संगठन ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। टीएफआई के प्रांतीय अध्यक्ष की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई में देश के दो सबसे प्रतिष्ठित और विद्वान वरिष्ठ अधिवक्ता शिक्षकों के हक में दलीलें पेश करेंगे।

Senior Advocates PS Patwalia and V Giri for TET Case Supreme Court representing TFI

​इस कानूनी मोर्चे की कमान भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री पी.एस. पटवालिया संभालेंगे। सेवा मामलों (Service Matters) के विशेषज्ञ के रूप में विख्यात श्री पटवालिया का लंबा अनुभव शिक्षकों के कानूनी पक्ष को अत्यधिक मजबूती प्रदान करेगा। उनके साथ केरल हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और सुप्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता श्री वी. गिरि भी इस मामले में अपनी विद्वत्ता का लोहा मनवाएंगे। श्री गिरि को जज लोया मामले और विवाह कानून सहित कई जटिल कानूनी विषयों में उनकी विशिष्ट भूमिका के लिए देशभर में विशेष प्रसिद्धि प्राप्त है।

​माननीय प्रांतीय अध्यक्ष जी ने अपनी कलम से यह स्पष्ट किया है कि संगठन शिक्षकों के मान-सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ओपन कोर्ट हियरिंग में इन दो महारथियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि टीएफआई इस मामले को लेकर कितनी गंभीर है। यह सुनवाई उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

​विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो दिग्गज कानूनी विशेषज्ञों के आने से शिक्षकों का पक्ष न केवल प्रभावी ढंग से रखा जाएगा, बल्कि टेट संबंधी विसंगतियों पर माननीय न्यायालय का ध्यान आकर्षित करने में भी बड़ी सफलता मिलेगी। टीएफआई के इस कदम ने देशभर के शिक्षकों में एक नया आत्मविश्वास जगा दिया है कि अब न्याय की चौखट पर उनकी आवाज पूरी मजबूती के साथ गूंजेगी।