Search Suggest

शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के बाद कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों की चमकी किस्मत, मानदेय में भारी बढ़ोतरी

UP News: योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया। जानें अब कितनी मिलेगी सैलरी और किसे होगा फ

उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग से संविदा कर्मियों के लिए खुशियों वाली खबरें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के ऐतिहासिक फैसले के बाद, अब योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों (Part-time Teachers) को बड़ा तोहफा दिया है।

Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya teachers salary update.

​दिल्ली में आयोजित समग्र शिक्षा 3.0 की उच्चस्तरीय बैठक में इन शिक्षकों के वेतन में वृद्धि का निर्णय लिया गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है।

​17,000 रुपये मिलेगा मानदेय

​वर्तमान में कस्तूरबा विद्यालयों के अंशकालिक शिक्षकों को ईपीएफ कटौती के बाद मात्र 9,961 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। नए निर्णय के बाद अब इनका मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के करीब 2,000 और देशभर के 5,500 से अधिक शिक्षक लाभान्वित होंगे।

​इन शिक्षकों के वेतन का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। चूंकि इन शिक्षकों को परिषदीय विद्यालयों के अनुदेशकों के समकक्ष माना जाता है, इसलिए इनके वेतन में भी उन्हीं के बराबर बढ़ोतरी की गई है।

​शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के वेतन में भी हुई बंपर वृद्धि

​योगी सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भी बड़ी वृद्धि को मंजूरी दी है। कैबिनेट के फैसले के बाद नया वेतन ढांचा इस प्रकार है:

  • शिक्षा मित्र: प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का वेतन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है।
  • अनुदेशक: उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 24,717 अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर मानदेय बढ़ाने का जो ऐलान किया था, उसे अब पूरी तरह लागू कर दिया गया है।

​कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का हो रहा कायाकल्प

​कस्तूरबा गांधी विद्यालय (KGBV) न केवल शिक्षकों के वेतन बल्कि बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं:

  • इंटरमीडिएट तक विस्तार: पहले ये विद्यालय केवल कक्षा 6 से 8 तक सीमित थे, लेकिन अब प्रदेश के सभी 746 ब्लॉकों में इन्हें चरणबद्ध तरीके से कक्षा 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है।
  • निशुल्क आवासीय सुविधाएं: इन विद्यालयों में वंचित और कमजोर वर्ग की बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

​सरकार का यह कदम न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को सुधारेगा, बल्कि शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई देगा।