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समायोजन 3.0: इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत बरकरार, स्पेशल अपील संख्या 456/2026 में अहम आदेश जारी

समायोजन 3.0 मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। स्पेशल अपील 456/2026 (प्रभात साहू बनाम यूपी राज्य) में अंतरिम राहत बरकरार।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चा का विषय बने समायोजन 3.0 मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जनपद प्रयागराज से दाखिल स्पेशल अपील पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है, जिससे अभ्यर्थियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।

​इलाहाबाद लीगल टीम द्वारा साझा किए गए इस आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

कोर्ट के आदेश के प्रमुख अंश

​दिनांक 17 अप्रैल, 2026 को माननीय न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं माननीय न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ (Court No. 3) ने "प्रभात साहू एवं 3 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य" मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने आदेश में तीन महत्वपूर्ण बातें कही हैं:

  • मामलों का जुड़ाव: इस अपील को 'स्पेशल अपील संख्या 398/2026' के साथ संबद्ध (Connect) करने का निर्देश दिया गया है। अब इन सभी संबंधित मामलों की सुनवाई एक साथ होगी।
  • अनुपालन का निर्देश: माननीय न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 'लीडिंग केस' में पारित आदेश (दिनांक 06.04.2026) के नियमों के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करे।
  • अंतरिम राहत बरकरार: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एकल न्यायाधीश (Single Judge) द्वारा प्रदान की गई अंतरिम सुरक्षा (Interim Protection) को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अभ्यर्थियों को मिला सुरक्षा कवच फिलहाल जारी रहेगा।

लीगल टीम का पक्ष

​इलाहाबाद लीगल टीम ने इस आदेश पर खुशी जताते हुए कहा है कि टीम ने पूर्व में जो संभावनाएं जताई थीं, कोर्ट का आदेश बिल्कुल उसी दिशा में आया है। टीम का कहना है कि वे अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों के लिए क्या है इसके मायने?

​इस आदेश के बाद समायोजन की प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के बीच सकारात्मक माहौल है। "इंट्रिम प्रोटेक्शन" (अन्तरिम राहत) जारी रहने का मतलब है कि फिलहाल किसी भी दंडात्मक या विपरीत कार्रवाई पर रोक रहेगी और मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन रहेगा।

निष्कर्ष: समायोजन 3.0 की यह कानूनी लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अगली सुनवाई में जब सभी संबंधित अपीलों पर एक साथ विचार होगा, तब इस मामले की भविष्य की दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट: लीगल डेस्क

Allahabad High Court Order Copy Special Appeal 456 of 2026 Samayojan 3.0