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महानिदेशक (स्कूली शिक्षा) द्वारा जारी नए अति महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और समय सीमा

महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार प्रेरणा पोर्टल, DBT और डिजिटल अटेंडेंस को लेकर सख्त समय-सीमा तय की गई है। पूरी जानकारी देखें

महानिदेशक (स्कूली शिक्षा) द्वारा जारी नए अति महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और समय सीमा

महानिदेशक स्कूली शिक्षा के नए दिशा-निर्देश और समय सीमा 2026 का थंबनेल - "Sir Ji Ki Pathshala" द्वारा।

शिक्षा विभाग ने हाल ही में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए महानिदेशक (DG) स्तर से कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना, शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और सरकारी पोर्टलों पर डेटा की सटीकता बनाए रखना है।

​नीचे मीटिंग में दिए गए मुख्य बिंदुओं का सारांश दिया गया है:

​1. नामांकन और डेटा अपडेशन (समय सीमा: 03 दिवस)

​सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निम्नलिखित कार्य 3 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं:

  • प्रेरणा पोर्टल: नए छात्र नामांकन का पंजीकरण और बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत (Promote) करना।
  • DBT पोर्टल: लाभार्थियों (बच्चों) का सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करना।
  • विद्यांजलि पोर्टल: सभी 176 स्कूलों के हेडमास्टर/इंचार्ज को इस पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।

​2. उपस्थिति और डिजिटल मॉनिटरिंग

​विभाग अब उपस्थिति को लेकर अधिक गंभीर है। अब डिजिटल अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। यदि कोई स्कूल इसका पालन नहीं करता है, तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

​3. स्मार्ट क्लास और दीक्षा ऐप का उपयोग

​डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं:

  • नियमित उपयोग: जिन स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध हैं, वहां प्रतिदिन 01 घंटा दीक्षा ऐप (Diksha App) के माध्यम से कंटेंट दिखाना अनिवार्य है।
  • स्मार्ट टीवी क्लास: प्रतिदिन कम से कम 40 मिनट की स्मार्ट टीवी क्लास संचालित की जाए।
  • रिपोर्टिंग: दीक्षा ऐप के उपयोग की ऑनलाइन समीक्षा की जाएगी और रिकॉर्डिंग घंटों के आधार पर मॉनिटरिंग होगी।

​4. बुनियादी ढांचा और ICT लैब

  • इंटरनेट कनेक्टिविटी: स्कूलों में इंटरनेट के लिए ₹12,000 की राशि आवंटित की गई है। कनेक्शन लगने के बाद 'जियो टैग' वाली फोटो अपलोड करनी होगी।
  • ICT लैब: जिन स्कूलों में ICT लैब है, वहां प्रतिदिन लैब का पीरियड अनिवार्य रूप से चलेगा।
  • रखरखाव: स्मार्ट बोर्ड वाले स्कूलों में इन्वर्टर/बैटरी और स्टॉक पंजिका का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

​5. सामाजिक और समावेशी शिक्षा पर जोर

  • दिव्यांग बच्चों का नामांकन: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग) को चिह्नित कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करना।
  • आउट ऑफ स्कूल बच्चे: ऐसे बच्चों का सर्वे कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना।
  • निरक्षरता उन्मूलन (Ullas App): प्रधानाध्यापकों को अपने गांव में कम से कम 05 निरक्षरों का सर्वे करना है और उनका डेटा उल्लास ऐप पर दर्ज करना है।

​6. अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

  • APAAR ID: अगले 07 दिनों में निजी और सरकारी दोनों स्कूलों के बच्चों की अपार आईडी (APAAR ID) बनाना अनिवार्य है।
  • PM श्री स्कूल: केजीबीवी (KGBV) और पीएम श्री स्कूलों में विशेष रूप से 01 घंटे का दीक्षा कंटेंट कोर्स के अनुसार चलाया जाए।
  • यूट्यूब लर्निंग: शिक्षक यू-डाइस (U-DISE) और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए यूट्यूब की सहायता लेकर खुद को अपडेट करें।
निष्कर्ष: विभाग का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी समावेश और समयबद्ध डेटा फीडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 21 अप्रैल 2026 को होने वाली संकुल बैठकों में इन निर्देशों का बिंदुवार पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।