हाल ही में सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी को लेकर जो वीडियो और खबरें चल रही हैं, भारत सरकार ने उन्हें पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। सरकार का कहना है कि यह जनता में दहशत फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है।
मुख्य बातें:
- ईंधन की कोई कमी नहीं: भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल शोधक (Refiner) है। हम 150 से ज्यादा देशों को तेल भेजते हैं, इसलिए अपने देश के लिए हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
- 60-74 दिनों का बैकअप: यह अफवाह गलत है कि सिर्फ 6 दिन का तेल बचा है। असल में भारत के पास 74 दिनों की भंडार क्षमता है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक सुरक्षित रखा हुआ है। अगले कई महीनों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई भी पक्की कर ली गई है।
- LPG का रिकॉर्ड उत्पादन: घरेलू रिफाइनरियों में रसोई गैस का उत्पादन 40% तक बढ़ गया है। अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से गैस के जहाज (Cargo) लगातार आ रहे हैं। 2014 के मुकाबले आज हमारे पास गैस आयात करने वाले टर्मिनल भी दोगुने हो गए हैं।
- PNG (पाइप वाली गैस) पर सफाई: सरकार ने साफ किया है कि पीएनजी को बढ़ावा देना हमारी पुरानी योजना है, न कि एलपीजी की कमी की वजह से लिया गया कोई आपातकालीन फैसला। यह सुरक्षित और सस्ता विकल्प है।
- पैनिक बाइंग (Panic Buying) से बचें: कुछ जगहों पर भीड़ इसलिए बढ़ी क्योंकि लोगों ने सोशल मीडिया के झूठे वीडियो देख लिए थे। तेल कंपनियों ने सप्लाई जारी रखने के लिए डिपो रात भर खुले रखे हैं और पंप मालिकों की मदद के लिए क्रेडिट लिमिट भी बढ़ा दी है।
सरकार की चेतावनी
मंत्रालय ने सख्त लहजे में कहा है कि दूसरे देशों के पुराने वीडियो या गलत सरकारी आदेशों का हवाला देकर जो लोग डर फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सलाह: किसी भी वायरल मैसेज पर यकीन करने के बजाय केवल सरकारी (PIB) सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


