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FD पर धमाकेदार रिटर्न: 9.35% तक मिल रहा है ब्याज, जानें निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प

भारत में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 9.35% तक ब्याज मिल रहा है। जानें कौन से बैंक और NBFC सबसे ज्यादा FD रिटर्न दे रहे हैं?

आज के अनिश्चित बाजार में सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अभी भी भारतीयों की पहली पसंद बना हुआ है। यदि आप भी अपने निवेश पर अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। वर्तमान में कुछ चुनिंदा वित्तीय संस्थान और NBFCs निवेशकों को 9.35% तक की आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं।

FD पर 9.35% ब्याज सबसे ज्यादा रिटर्न वाली FD

आइए जानते हैं उन प्रमुख बैंकों और संस्थानों के बारे में जहाँ आपको अपने पैसे पर सबसे ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।

9% के पार: यहाँ मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज

बाजार में कुछ नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFC) ऐसी हैं जो पारंपरिक बैंकों के मुकाबले कहीं अधिक ब्याज दे रही हैं। उदाहरण के तौर पर, 36 महीने (3 साल) की अवधि वाली FD पर:

  • सामान्य नागरिक: 9.10% तक का वार्षिक ब्याज।
  • वरिष्ठ नागरिक: अतिरिक्त लाभ के साथ 9.35% तक का रिटर्न

बेहतर रिटर्न देने वाले प्रमुख बैंक और संस्थान

संस्थान का नाम सामान्य दर (लगभग) वरिष्ठ नागरिक दर (लगभग)
स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.90% 8.40%
प्रमुख वित्तीय संस्थान 7.75% 8.25%
प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां 7.60% 8.10%
बड़े प्राइवेट बैंक 7.55% 8.05%
बजाज फाइनेंस 6.95% 7.30%

स्मॉल फाइनेंस बैंक और NBFCs क्यों हैं आगे?

अक्सर बड़े सार्वजनिक या निजी बैंकों की तुलना में स्मॉल फाइनेंस बैंक और NBFCs ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए 0.50% से 1.50% तक अधिक ब्याज देते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को आमतौर पर 0.25% से 0.50% तक का अतिरिक्त 'प्रीमियम' ब्याज मिलता है, जिससे उनका कुल रिटर्न काफी बढ़ जाता है।

निवेश से पहले इन 4 बातों का रखें खास ख्याल

  • क्रेडिट रेटिंग: केवल उच्च ब्याज न देखें, संस्थान की रेटिंग (जैसे CRISIL या ICRA) भी चेक करें। 'AAA' रेटिंग सबसे सुरक्षित मानी जाती है।
  • लॉक-इन पीरियड: सुनिश्चित करें कि आप कितने समय के लिए पैसा निवेश कर रहे हैं। समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal) पर बैंक पेनाल्टी लगा सकते हैं।
  • टैक्स नियम (TDS): याद रखें कि FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। यदि ब्याज एक सीमा से अधिक है, तो बैंक TDS काटते हैं
  • बीमा सुरक्षा: बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि DICGC के तहत सुरक्षित होती है, लेकिन NBFCs पर यह नियम लागू नहीं होता।
निष्कर्ष: यदि आप कम जोखिम में बेहतर कमाई करना चाहते हैं, तो 9% से अधिक ब्याज देने वाले ये विकल्प आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहतरीन साबित हो सकते हैं। निवेश करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम दरों की पुष्टि अवश्य कर लें।