Search Suggest

BEO Recruitment 2026: अब सीधी भर्ती से भरेंगे सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी पद, चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव

प्रदेश में BEO Recruitment 2026 को लेकर बड़ा बदलाव। अब खण्ड शिक्षा अधिकारी के सभी 161+ पद सीधी भर्ती से भरेंगे। नई नियमावली लागू होने के बाद UPPSC करे

लखनऊ। प्रदेश में खण्ड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने बीईओ के रिक्त पदों को 80:20 के अनुपात (सीधी भर्ती और पदोन्नति) से भरने की पूर्व व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब सभी रिक्त पद केवल सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए कराई जाएगी।

BEO Recruitment 2026: सभी पद अब सीधी भर्ती से

सरकार के इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां कुछ पद विभागीय पदोन्नति से भरे जाते थे, वहीं अब सभी पदों पर प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति होगी। इससे प्रतियोगी छात्रों के लिए अवसर तो बढ़ेंगे, लेकिन प्रक्रिया शुरू होने में कुछ समय लग सकता है।

प्रदेश में वर्तमान में बीईओ के 161 से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए पहले बेसिक शिक्षा निदेशालय ने भर्ती नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, कार्मिक विभाग ने आंशिक संशोधन को अस्वीकार करते हुए पूरी सेवा नियमावली को नए सिरे से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

अब नई सेवा नियमावली तैयार की जाएगी, जिसे लागू करने से पहले कैबिनेट की मंजूरी भी आवश्यक होगी। यही कारण है कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने में देरी की संभावना जताई जा रही है। भर्ती की राह देख रहे अभ्यर्थियों को फिलहाल कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

भर्ती प्रक्रिया में योग्यता संबंधी शर्तों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। पूर्व नियमावली में स्नातकोत्तर के साथ “समकक्षता” शब्द का प्रावधान था, जिसे हटाने की तैयारी है। अब केवल निर्धारित और स्पष्ट रूप से परिभाषित डिग्री धारकों को ही पात्र बनाने की योजना है। इससे पात्रता मानकों को अधिक सख्त और स्पष्ट किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि नई नियमावली के मसौदे, विभागीय अनुमोदन और कैबिनेट स्वीकृति में समय लगने की संभावना के चलते भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू नहीं हो पाएगी।

कुल मिलाकर, प्रदेश में बीईओ भर्ती व्यवस्था में यह एक बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन माना जा रहा है। अब सभी रिक्त पद आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से भरे जाएंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।