Search Suggest

यूपी में संपत्ति पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव: अब पैन कार्ड (PAN) हुआ अनिवार्य

यूपी में संपत्ति पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव: अब पैन कार्ड (PAN) हुआ अनिवार्य, देखें आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अचल संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता लाने और वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। महानिरीक्षक निबन्धन (Inspector General of Registration), उत्तर प्रदेश द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब राज्य में किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति के पंजीकरण (Registry) के लिए स्थायी खाता संख्या (PAN) का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है।

​सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए लिया गया निर्णय

​यह आदेश विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले संपत्ति के लेन-देन को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। शासन का मानना है कि इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय अपराधों (जैसे मनी लॉन्ड्रिंग) की रोकथाम के लिए पक्षकारों की वित्तीय पहचान पुख्ता होना आवश्यक है।

​आदेश की मुख्य बातें:

    • अनिवार्य लिंकिंग: संपत्ति पंजीकरण से संबंधित ऑनलाइन आवेदन में अब खरीदार और विक्रेता दोनों के पैन कार्ड की प्रविष्टि अनिवार्य होगी।
    • ऑनलाइन सत्यापन: विभागीय सॉफ्टवेयर में पैन कार्ड की प्रविष्टि के साथ-साथ उसके ऑनलाइन सत्यापन (Online Verification) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
    • तत्काल प्रभाव: यह आदेश प्रदेश के सभी सहायक महानिरीक्षक और उप-निबंधकों को भेज दिया गया है, ताकि इसे तुरंत लागू किया जा सके।

​क्यों जरूरी है यह कदम?

​अक्सर बेनामी संपत्ति या अवैध धन के निवेश के लिए रियल एस्टेट का सहारा लिया जाता है। पैन कार्ड अनिवार्य होने से:

  1. वित्तीय अपराधों पर रोक: बड़े लेन-देन का रिकॉर्ड सीधे आयकर विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहेगा।
  2. राष्ट्रीय सुरक्षा: सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध निवेश की पहचान करना आसान होगा।
  3. पारदर्शिता: रजिस्ट्री की प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी।
नोट: प्रदेश के सभी उप-निबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे बिना पैन कार्ड सत्यापन के पंजीकरण की कार्यवाही को आगे न बढ़ाएं।
 
"UP Govt Order PAN Mandatory for Registry