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शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी: योगी सरकार ने दी कैशलेस इलाज और मनचाहे तबादले की सौगात, मानदेय वृद्धि को लेकर सरकार गंभीर

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए मानदेय वृद्धि, ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज और मनचाहे तबादले जैसी बड़ी घोषणाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत लाखों शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। विधान परिषद में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए संबंधित मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इन कर्मचारियों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण मानती है और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर सकारात्मक कदम उठा रही है।

प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं:

  1. 5 लाख तक का कैशलेस इलाज: सरकार ने शिक्षा मित्रों के लिए ₹5 लाख तक के कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ न केवल शिक्षा मित्र बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे। यह कदम उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
  2. मनचाहे स्थान पर समायोजन (ट्रांसफर): शिक्षा मित्रों की एक बड़ी समस्या उनके निवास स्थान से दूर तैनाती थी। मंत्री ने बताया कि अब शिक्षा मित्रों को उनके मनचाहे स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था बना दी गई है। यह प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है और चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक शिक्षा मित्र को उनके इच्छित स्थान पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।
  3. मानदेय वृद्धि पर विचार: सदन में जब शिक्षा मित्रों के मानदेय (Salary) का मुद्दा उठा, तो मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस पर सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रिपरिषद द्वारा मानदेय बढ़ाने के विषय पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है।

सरकार का रुख

​सदन में चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा, "शिक्षा मित्र और अनुदेशक हमारे विभाग की रीढ़ हैं। वे लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनके योगदान का हम सम्मान करते हैं। उनकी मांगों को पूरा करना हमारी प्राथमिकता है और कैशलेस इलाज की सुविधा इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।"

​"यूपी शिक्षा मित्र मानदेय वृद्धि और कैशलेस इलाज अपडेट - योगी सरकार विधानसभा सत्र"

योगी सरकार के इस कदम से उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों में खुशी की लहर है। स्वास्थ्य और स्थानांतरण जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान के बाद अब सभी की निगाहें मानदेय में होने वाली संभावित वृद्धि पर टिकी हैं।